इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी शैक्षणिक न्यास

स्वप्न हुआ साकार

आई.ए.टी.वी. एजूकेशनल एकडेमी 

छावनी अनाज मण्डी से जुडे व्यापारियों ने व्यापार के साथ-साथ समाज एवं मंडी में उपज लाने वाले किसानों के बच्चों को उच्च स्तर की षिक्षा एवं सही मार्गदर्षन मिले इस दृष्टिकोण से दिनांक २७.७.९१ की कार्यसमिति बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर स्कूल बनाने का निष्चय किया।

इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ के तत्कालीन अध्यक्ष श्री रामेष्वलालजी असावा एवं मंत्री श्री गोपालदासजी अग्रवाल उपाध्यक्ष श्री सुकुमारजी सेठी ने शहर के प्रति अपने दायित्व को निभाने के लिए छावनी मंडी के समर्पित व्यापारियों को प्रेरित किया। इस बात से प्रेरणा पाकर इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ के व्यापारियों एवं पदाधिकारियों ने मंथन कर एक संकल्प लिया जो शनैः शनैः बैंक, स्कूल एवं वृद्धाश्रम के रूप में आकार लेता गया और उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है। इस कड़ी में आपका अपना विद्यालय आई.ए.टी.वी. एजूकेषनल एकेडमी की स्थापना इन्दौर अनाज तिलहन संघ व्यापारिक संघ अपने बहुप्रतिष्ठित एवं बहुआयामी स्वप्न को मूर्त रूप देते हुए की गई स्कूल संचालन तथा निर्माण कार्य के लिए इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी शैक्षणिक न्यास का विधिवत् गठन वर्ष १९९७ में तत्कालीन अध्यक्ष इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ श्री प्रकाष व्होरा एवं उनकी कार्यसमिति द्वारा किया गया, जिसके विधान निर्माण हेतु श्री कृष्णदासजी मित्तल द्वारा सहयोग दिया गया। इसके बाद जिसके १०१ ट्रस्टी सदस्य बनाये गये जिनसे रू. ५१,०००/- सदस्यता राषि ली गई। अनाज मंडी व्यापारियों के सपने को साकार करने के लिए इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ ने देवगुराड़िया में विद्यालय निर्माण हेतु लगभग ६ बीघा भूमि खरीदकर इन्दौर तिलहन व्यापारिक शैक्षणिक न्यास को सौंपी। जिससे इस विद्यालय को प्रारंभ किया जा सका।

विद्यालय का निर्माण प्रारंभ करने हेतु एक निर्माण समिति का गठन वर्ष २००१-२००२ में किया गया जिसके अध्यक्ष श्री रामनारायणजी अग्रवाल को बनाया गया। उस समय के इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री रामेष्वरलालजी असावा एवं उनकी संचालन समिति के सदस्य के सदस्यों ने विद्यालय प्रारंभ कराने में महती भूमिका निभाई तथा संघ की ओर से प्रचुर धनराषि निर्माण कार्य हेतु उपलब्ध कराई । इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी शैक्षणिक न्यास के द्विवार्षिक चुनाव वर्ष २००२ में कराये गये जिसमें अध्यक्ष पद पर श्री रामनारायणजी अग्रवाल निर्विरोध निर्वाचित हुए। विद्यालय का निर्माण कार्य पूरा कराकर प्रारंभ करने की समस्त जवाबदारी अध्यक्ष श्री रामनारायणजी अग्रवाल, श्री सतीष गुप्ता, श्री अरूणजी अग्रवाल, श्री शंकरलालजी गोयल एवं श्री सुभाषजी राठी एवं समस्त संचालक समिति के सदस्यों को सौंप दी गई । इस टीम ने पूरी पारदर्षिता, सबके सहयोग,लगन तथा कड़ी मेहनत ओर अपनी सूझबुझ से सारे कार्यो को सफलता पूर्वक अंजाम दिया इस कार्य को गति देने में विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती शुभारंजनजी चटर्जी के योगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता है । स्कूल के निकटस्थ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अपने व्यक्तित्व के प्रयासों से पालकों को स्कूल में विद्यार्थियों को प्रवेष दिलाने हेतु आपने अद्वितीय प्रयास कर स्कूल को अपनी बेहतरीन प्रगति की ओर अग्रसर किया है।

इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ का विद्यालय प्रारंभ करने का मुख्य उदेष्य जिन कृषक भाईयों से हम जुडे हुए है उनके बच्चों को उनके ही क्षेत्र में कम से कम खर्च पर उच्च क्वालिटी की षिक्षा प्रदान करवाना था जैसी शहर के उच्च दर्जा प्राप्त विद्यालयों में मिल रही है । इस दिषा में कार्य करने के लिए वे सभी सुविधाएँ भी आई.ए.टी.वी. एजूकेषनल एकेडमी में प्रारंभ की गई जैसे आवागमन हेतु बस सुविधा, दोपहर भोजन, टे्रण्ड षिक्षक – षिक्षिकाएं, गेम्स सुविधाएं स्काउट इत्यादि। मूल भावानाओं और उद्ेष्य को पूरा करने के लिए १२ जुलाई २००२ को नर्सरी से ३री कक्षा तक की षिक्षा प्रारंभ की गई एवं इस हेतु ७ कमरे, सभा भोजन तथा २ बसों की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई । आषा के विपरित इस वर्ष २०० से ज्यादा बच्चों ने स्कूल में प्रवेष प्राप्त किया और आपका विद्यालय अपनी मंजिल की ओर तीव्रगति से दौड़ चला। प्रतिवर्ष आगे ही आगे बढते हुए आज मात्र ९ वर्षो में विद्यालय के पास ३५ कमरें,१३ बसें,११०० विद्यार्थी तथा ११० कर्मचारियों का स्टॉफ कार्य कर रहा है यानि की विद्यालय अपनी पूर्ण क्षमता एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप शत-प्रतिषत कार्य कर रहा हैं। साथ ही वर्ष २०१०-११ में विद्यालय ने सी.बी.एस.ई. की मान्यता प्राप्त कर ली है और हम १२वीं तक के विद्यार्थीयों को षिक्षित कर रहे हैं। शीघ्र ही आगामी वर्षो में हम स्कूल के सी.बी.एस.ई. परिणामों द्वारा शहर में अपनी पहचान उन्नत एवं बढ़िया स्कूलों में पाएंगे। यहाँ यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि स्कूल की बसें सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाने के लिए लगभग ३५ किलोमीटर तक जाती है । यह हमारी सामाजिक सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता दर्षाता है। 

विद्यालय के प्रतिवर्ष निर्माण कार्य अनवरत चल रहा है। इस वर्ष भी ४ कमरों,एक फिजिक्स लेबोरेटरी, एक केमेस्ट्री लेबोरेटरी तथा एक सभाकक्ष का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह निर्माण १०,००० वर्गफूट पर हुआ और इस पर लगभग ६० लाख रूपये की लागत रही।प्रारंभ से अभी तक भवन निर्माण, बस, फर्निचर, बर्तन, पुस्तकालय, लेबोरेटरी,ग्राउण्ड विकास आदि पर लगभग तीन करोड रूपये खर्च किए गए। यह राशि अनाज तिलहन व्यापारी संघ द्वारा अस्सी लाख रूपये, ट्रस्टियों से बासठ लाख रूपये, दान दाताओं एवं अन्य स्त्रोत से एक करोड़ अठ्ठावन लाख रूपये की राषि प्राप्त कर खर्च की गई है। समय-समय पर व्यापारिक आद्यौगिक सहकारी बैंक द्वारा हमें जो लोन सुविधा प्रदान की गई जिससे भी तय कार्य में सुगमता रही।

विद्यालय में शिक्षा का स्तर बनाये रखने के लिए अच्छे ट्रेण्ड षिक्षक-षिक्षिकायें नियुक्त है। इसी का परिणाम है कि हमारे विद्यालय के विद्यार्थी माध्यमिक षिक्षा मंडल की परिक्षाओं में प्रथम श्रेणी तथा विषिष्ट योग्यताओं में पास हो रहे है। इस सफलता से अभिभूत होकर म.प्र.के मुख्यमंत्री माननीय श्री षिवराजसिहं चौहान द्वारा विद्यालय का तथा प्राचार्या महोदया का सम्मान कर प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।

विकास और रचनात्मक कार्यो को सम्पन्न करने के लिए समर्पित दृढ़ निष्चियी,कड़ी मेहनत, सकारात्मक सोच तथा कुषल व्यवहार और आत्मविष्वास के परिपूर्ण कार्यकर्ताओं की आवष्यकता होती है। हमारे विद्यालय को मंजिल की ओर दृत गति से दौड़ने का श्रेय इन्ही कार्यकर्ताओं को जाता है। विद्यालय प्रारंभ करते समय व बाद में भी कई शंका कुषंका व्यक्त की गई थी। परंतु उन सबकों नकारते हुए, झुठलाते सिर से खारिज करते हुए कदम पर कदम पूरे हौंसले व हिम्मत के साथ आगे से आगे बढ़ते रहे जिसका परिणाम आज आप सबके सामने है। हम अपनी मंजिल को पाकर ही रहे। आज जिस उँचाइयों को हमारा विद्यालय छू रहा है। उसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। भविष्य में भी यही भावना संजोये हुए हमारा विद्यालय दिन-दुनी रात चौगुनी उन्नती करता रहेगा। यह पूर्ण विष्वास है ।इस अथक प्रयासों से हम आज इन्दौर शहर में सामाजिक सेवाओं के प्रति इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ की पहचान स्थापित कर चुके है। षिक्षा के क्षेत्र में रोपा गया यह पौधा आने वाले वर्षों में समाज व राष्ट्र की उन्नति के लिए कार्य करने वाले असंख्य युवाओं की मेहनत का फल हम सबको देगा।

जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
स्‍वामी विवेकानंद

रामनारायण अग्रवाल
अध्यक्ष

इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी शैक्षणिक न्यास 

सतीश गुप्ता 
सचिव 

इन्दौर अनाज तिलहन व्यापारी शैक्षणिक न्यास